Hyderabad : तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCySB) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो Cambodia से संचालित होकर भोले-भाले भारतीय नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। इस मामले की जानकारी देते हुए निदेशक शिखा गोयल ने बताया कि इस सिंडिकेट से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से सिम कार्ड सप्लाई कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के रिज़वान (29), हैदराबाद के सैयद अशरफ अली (30), सैयद सोहेल, अतीक अहमद और हनमकोंडा स्थित एयरटेल डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट के टीम लीडर नूने अशोक शामिल हैं। 31 मार्च को शमशाबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने अशरफ अली को 198 भारतीय सिम कार्ड के साथ कंबोडिया जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा, जिसके बाद इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह 2023 से अब तक छह अलग-अलग चरणों में 600 से अधिक सिम कार्ड विदेश भेज चुका है। आरोपी अशरफ की मुलाकात दुबई में काम करने के दौरान रिज़वान से हुई थी, जिसने भारतीय सिम कार्ड सप्लाई करने पर मोटी रकम का लालच दिया। इसके बाद अशरफ ने स्थानीय एजेंटों की मदद से आम लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सिम कार्ड जुटाने शुरू किए।
जांच में यह भी पता चला कि सोहेल जियो में प्रमोटर और अतीक व अशोक एयरटेल एजेंट के रूप में अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड एक्टिवेट कर रहे थे। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधी फिशिंग, पहचान चोरी और धमकी जैसे अपराधों में कर रहे थे, जिससे भारतीय नागरिकों को भारी नुकसान हो रहा था।
इस मामले में अरविंद कुमार उर्फ शाहिद नामक एक कुरियर अभी फरार है, जबकि विदेश से इस नेटवर्क को संचालित करने वाले मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और टेलीकम्युनिकेशन कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।
Director , TGCSB Smt Shikha Goel IPS
शिखा गोयल ने जनता से अपील की है कि वे अपने निजी दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहें और ‘संचार साथी’ पोर्टल के माध्यम से अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई है।